वायु प्रदूषण भारत में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है, और डॉक्टरों ने आने वाली वायुमार्ग रोग महामारी की चेतावनी दी है। सरकार इस समस्या को स्वीकार करने के बावजूद फेफड़ों की बीमारियों से जुड़े वायु प्रदूषण के लिए ठोस डेटा का अभाव है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई वर्षों के संपर्क ने कई जीवन को पहले ही नुकसान पहुंचाया है, विशेष रूप से उत्तर भारत में। युवा वयस्कों में श्वसन रोगियों की वृद्धि इस समस्या की तात्कालिकता को उजागर करती है। स्वास्थ्य आपातकाल से बचने के लिए त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।