पुणे के युवा निवासियों को बढ़ते प्रदूषण स्तरों को लेकर गहरी चिंता है, जो उनके स्वास्थ्य और भविष्य के लिए खतरनाक है। वे इस संकट का सामना करने के लिए तात्कालिक कार्रवाई, कड़े कानून और बढ़ती जन जागरूकता की मांग कर रहे हैं। छात्र जैसे द्न्यानदा और योगेश्वरी साझा करते हैं कि प्रदूषण उनके जीवन को किस तरह प्रभावित कर रहा है, जैसे श्वसन संबंधी समस्याएं और पर्यावरण में चौंकाने वाले बदलाव। ये युवा पुणेकर एकजुट होकर कहते हैं कि प्रदूषण को कम करना एक तात्कालिक आवश्यकता है।