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युवाओं में कोलोरेक्टल कैंसर का बढ़ता खतरा

युवाओं में कोलोरेक्टल कैंसर का बढ़ता खतरा

16 Dec, 2025

Priya Nambiar

कोलोरेक्टल कैंसर अब केवल बुजुर्गों का रोग नहीं रह गया है; alarming ट्रेंड्स बताते हैं कि भारत में 35% मरीज 40 वर्ष से कम हैं। 20 और 30 के दशक में मामलों की बढ़ती संख्या में प्रारंभिक लक्षण अक्सर गलत निदान होते हैं, जिससे महत्वपूर्ण उपचार में देरी होती है। आनुवंशिकी और पर्यावरणीय कारक इस बदलाव में योगदान दे रहे हैं। डॉक्टर सतर्क रहने की सलाह देते हैं: रेक्टल रक्तस्राव जैसे कोई भी संकेत तुरंत जांच का कारण बनें, चाहे उम्र कुछ भी हो। प्रारंभिक पहचान वास्तव में जीवन बचा सकती है, इसलिए जागरूकता और स्क्रीनिंग आवश्यक है।

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