एक आईआईएम बोधगया की स्नातक दिल्ली में एक नौकरी के लिए आई, जिसमें उन्होंने ₹75,000 खर्च किए। जब वह पहुंची, तो पता चला कि दी गई पते पर कोई ऑफिस नहीं था। इस दुखद अनुभव ने उन्हें भावनात्मक और वित्तीय रूप से थका दिया। अब वह अपने खर्चे की वापसी की मांग कर रही हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत के नौकरी बाजार में नए स्नातकों को कितनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।