पीएम मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान एक पत्रकार ने सवाल किया कि उन्होंने प्रेस से सवाल क्यों नहीं लिए। भारतीय दूतावास ने पत्रकार को बाद में एक ब्रीफिंग में आमंत्रित किया, जो पारदर्शिता को दर्शाता है। यह पहली बार नहीं था कि ऐसा हुआ; इससे पहले नीदरलैंड में भी मानवाधिकार मुद्दों पर सवाल उठाए गए थे। एक ऑनलाइन विवाद भी हुआ, जिसमें पत्रकार ने मजाक में कहा कि वह "एक कप पानी" लेने गई थी। यह घटना भारत में प्रेस स्वतंत्रता और सरकारी पारदर्शिता पर चल रही चर्चाओं को उजागर करती है।