हाल की ईरान हमलों के बाद, ओपेक+ कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने पर विचार कर रहा है। सऊदी अरब उत्पादन में 1.8 मिलियन बैरल दैनिक वृद्धि कर सकता है, जबकि यूएई एक और मिलियन बैरल जोड़ने की योजना बना रहा है। यह वृद्धि वैश्विक तेल कीमतों को स्थिर करने के लिए महत्वपूर्ण है। भारत, जो तेल आयात पर निर्भर है, के लिए ये घटनाक्रम ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव ला सकते हैं, जिसका असर अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।